शिक्षामंत्री की करतूत पर शिक्षकों का फूटा गुस्सा

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बेगूसराय। शिक्षा मंत्री के बगल में डीईओ, डीपीओ व बीईओ को बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिली। उसके बाद सभी अधिकारी जनता के बीच में जमीन पर बैठे रहे लेकिन इसकी सुध न तो मंत्री की ओर से न ही व्यवस्थापक की ओर से ली गई। कार्यक्रम स्थल से जमीन पर बैठे अधिकारी व कुर्सी पर बैठे मंत्री और स्थानीय मुखिया की तस्वीर व वीडियो वायरल होने लगी तो बेगूसराय जिले समेत बिहार में यह खास चर्चा बनने लगा। असल में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी बछबाड़ा के फातेहा गांव भंडारी बाबा स्थान एक कार्यक्रम में शनिवार को पहुंचे थे। अब शिक्षक संगठनों ने शिक्षा मंत्री के इस व्यवहार का कड़ा विरोध किया है। टीपीएसएस के राज्य संयोजक राजू सिंह ने कहा कि शिक्षक अपनी त्याग तपस्या के बल पर नौनिहालों को शिक्षित कर देश का भविष्य संवारते हैं। इसलिए समाज में शिक्षकों को मान-सम्मान मिलता है। लेकिन हमारे शिक्षा मंत्री अभी भी राजशाही मानसिकता के साथ जी रहे हैं। उन्होंने बछवाड़ा के फतेहा गांव में भंडारी बाबा के धाम से आई एक तस्वीर पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इस तस्वीर में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी समेत कुछ लोग कुर्सी पर बैठे हैं। जबकि जिला शिक्षा अधिकारी शर्मिला राय, डीपीओ स्थापना रविंद्र साहू, डीपीओ सर्व शिक्षा राजकमल, बीईओ निर्मला कुमारी को कुर्सी के बजाय नीचे दरी पर बैठाने की घटना का टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने निंदा की है। जिला अध्यक्ष मिलन कुमार मिश्रा, महासचिव मनोहर राय, उपाध्यक्ष राजेश पाठक, जिला सचिव कन्हैया भारद्वाज और जिला संयोजक रत्नेश कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री और स्थानीय जन प्रतिनिधियों को बैठने के लिये कुर्सी है। डीईओ सहित शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारियों को दरी पर बैठाकर उनका अपमान किया गया। कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी जिले के शिक्षकों के मार्गदर्शक और गार्जियन समान होते हैं। उनका अपमान करना जिले के शिक्षकों का अपमान करने जैसा है। यह घटना लोकतांत्रिक व्यवस्था में निहित आदर्शों के खिलाफ राजशाही का द्योतक है। सरकार के मंत्री बेलगाम हो गए हैं। संघ के नेताओं ने कहा कि बेगूसराय जिला के शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों को सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किये जाने से सरकार का शिक्षा के प्रति नजरिया को समझा जा सकता है। इस कृत्य के लिए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी को शिक्षा विभाग के अधिकारियों से माफी मांगे। वरना संघ आंदोलन के लिए तैयार है।