कारागार में बंदी की मौत पर बवाल, सिपाहियों पर किया हमला

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वाराणसी। जिला जेल में शुक्रवार की सुबह एक बंदी की मौत होने पर जिला जेल में बंदी आक्रोशित हो गए। बंदियों ने जिला जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा करने लगे। इस दौरान बंदियों और बंदी रक्षकों में मारपीट भी हुई। करीब तीन घंटे तक जेल में अफरा-तफरी की स्थिति रही। पहुंची कमिश्नरेट पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए बंदियों को खदेडक़र माहौल शांत कराया। उधर, बंदी के मौत की सूचना मिलते ही परिवारीजन जिला जेल पहुंच गए और उन्होंने भी जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शव मंडलीय अस्पताल होने पर परिवारीजन पहुंच गए। यहां भी सुरक्षा को देखते हुए फोर्स की तैनाती कर दी गई है। सिगरा थाना क्षेत्र के बड़ी गैबी के रहने वाले राजेश जायसवाल (53) पर धोखाधड़ी का मुकदमा चेतगंज थाने में दर्ज है। पिछले छह माह से इस आरोप में वह जिला जेल में बंद है। तीन दिन पहले उनकी तबीयत खराब होने जिला जेल प्रशासन ने बाहर चिकित्सक को दिखाया था। बीती रात राजेश जायसवाल के सीने में दर्द होने लगा। उन्होंने और साथ रह रहे अन्य साथियों ने जेल कर्मियों ने चिकित्सक को दिखाने की बात कही।
जिला जेल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार करते हुए दवा भी दी लेकिन सुबह उनकी हालत अधिक बिगड़ गई। बंदियों का आरोप था कि जेल प्रशासन की लापरवाही और समय से उपचार नहीं होने के चलते राजेश जायसवाल की मौत हो गई। इस बात को लेकर बंदियों ने हंगामा शुरू किया तो बंदी रक्षकों ने एक बंदी की पिटाई कर दी। इसको लेकर बंदी और आक्रोशित हो गए, हंगामा करते हुए तोडफ़ोड़ करने लगे। अंदर कार्यालय में लगे कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक सामान, गाड़ी के साथ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुचाने लगे। देखते ही देखते बंदियों और सुरक्षा कर्मियों पथराव और मारपीट होने लगी। जेल प्रशासन की सूचना पर सिगरा, चेतगंज, कैंट समेत कई थानों की फोर्स पहुंच गई और मोर्चा ली। सूत्रों का कहना है कि बंदियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। घटना की जानकारी होते ही वरुणा जोन के डीसीपी आदित्य भी पहुंच गए और उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली। एहतिहात के तौर पर कमिश्नरेट पुलिस को लगा दिया गया है।