भ्रष्टाचार मामले में सस्पेंड प्रभारी जेडी व एसपीओ को बर्खास्त करने की तैयारी

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गोरखपुर। भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज होने के बाद सस्पेंड हुए गोरखापुर के प्रभारी जेडी अशोक वर्मा व एसपीओ रणविजय को बर्खास्त करने की तैयारी शुरू हो गई। शासन के निर्देश पर जेडी कार्यालय पहुंचे वाराणसी के अपर निदेशक अभियोजन राजेन्द्र शर्मा ने दिन भर जांच की। कर्मचारियों का बयान दर्ज करने के साथ ही कार्यालय में रखे कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिया। शासन का सख्त रुख देख पुलिस भी कार्रवाई तेज कर दी है। अपर निदेशक अभियोजन राजेन्द्र शर्मा कचहरी स्थित कार्यालय पहुंचे। गैंगेस्टर के आरोपितों से रुपए लेकर फाइल लौटाने के आरोपित प्रभारी जेडी रहे अशोक वर्मा और एसपीओ रणविजय की कार्यप्रणाली के बारे में कर्मचारियों से जानकारी ली। सबका बयान दर्ज करने के साथ ही सपा नेता कपिलमुनि यादव व उसके साथियों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई के लिए पुलिस द्वारा भेजी गई फाइल और अधिकारियों द्वारा लगाई गई आपत्ति से जुड़ा दस्तावेज अपने कब्जे में लिया। अपर निदेशक अभियोजन तीन घंटे तक कचहरी में रहे। प्रभारी जेडी रहे अशोक वर्मा व एसपीओ रणविजय के निलंबन का आदेश जिलाधिकारी ने उनके मूल पते पर भेजवा दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही दोनों अधिकारी कार्यालय नहीं आ रहे।
सीओ ने वादी से मांगा स्टिंग का मूल वीडियो: अभियोजन अधिकारियों के रुपए लेने का वीडियो बनाने वाले रामगढ़ताल के कजाकपुर निवासी दीपक यादव से सीओ कैंट ने मूल वीडियो मांगा। दीपक ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराने के दौरान पुलिस को जो वीडियो दिया है। उसमें वर्दी में दिख रहे व्यक्ति और चेहरा छिपा लिया गया है। सीओ श्यामदेव ने बताया कि मूल वीडियो मिलने के बाद साफ होगा कि रुपए देते समय कार्यालय में कौन-कौन लोग थे सभी लोगों का बयान दर्ज होगा।