बनारस की तरह नौका विहार पर होगी भव्य गंगा आरती:रामजी घाट आरती समिति की पहल पर GDA ने दी सहमति, तैयारियां शुरू

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गोरखपुर।बनारस की तर्ज पर गोरखपुर के नौका विहार पर जल्द ही भव्य गंगा आरती शुरू होगी। इसके लिए रामजी घाट आरती समिति की पहल पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने सहमति दी है। समिति के सदस्य तैयारियों में जुट गए हैं। फिलहाल अभी सप्ताह में एक दिन मंगलवार को आरती होगी। नागपंचमी से इसकी शुरुआत होने की संभावना है।

समिति धीरे-धीरे नौका विहार पर रोजाना आरती करेगी। शाम 6.30 बजे से होने वाली आरती में शहर के लोगों के सहयोग की समिति ने अपील भी की है। समिति का कहना है कि यहां रोजाना काफी भीड़ जुटती है। इससे आरती के समय इसकी भव्यता अलग ही होगी।

 

ढोल नगाड़ों के साथ ब्राम्हण करेंगे मंत्रोचार
समिति के सदस्य डॉ. शिवेंद्र सिंह ने बताया कि नागपंचमी के अवसर पर गंगा आरती की शुरुआत की जाएगी। आरती में पांच ब्राम्हण शामिल होंगे। ढोल नगाड़ों की धुन पर आरती की जाएगी। नौका विहार पर बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। सभी आरती में शामिल होंगे। इससे वे आरती आरती के महत्व को भी जान सकेंगे।

रोजाना 50 मिनट की होगी आरती
डॉ. शिवेंद्र ने बताया कि नौका विहार पर करीब पचास मिनट की आरती होगी। आरती से पहले नौका विहार पर समिति द्वारा खुद भी साफ सफाई की जाएगी। आरती के बाद भी वहां किसी प्रकार की गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। आरती में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे, इसलिए पहले ही सारे इंतजाम कर लिए जाएंगे।

नौका विहार पर शहीदों और ब्रहमलीन गुरु गोरक्ष पीठ के महान संतों की भी आरती की तैयारी है।
नौका विहार पर शहीदों और ब्रहमलीन गुरु गोरक्ष पीठ के महान संतों की भी आरती की तैयारी है।

शक्तिपीठों के चित्रण के साथ भी होगी आरती
जिले के गुरु गोरक्षनाथ, झारखंडी महाराज, बाबा मुक्तेश्वरनाथ, नीलकंड महादेव, रुद्रेश्वर महराज समेत जितने भी शक्ति पीठ हैं उनके देव के चित्रण के साथ भी आरती की तैयारी समिति कर रही है। डॉ. शिवेंद्र ने बताया कि नौका विहार पर शहीदों और ब्रहमलीन गुरु गोरक्ष पीठ के महान संतों की भी आरती की तैयारी है।

राजघाट के रामघाट पर रविवार को करतें हैं आरती
राजघाट के रामघाट पर समिति प्रत्येक रविवार को शाम 6 बजे से आरती करती है। शुरुआत में कुछ लोग ही शामिल हुए लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ती जा रही है। डॉ. शिवेंद्र ने बताया कि नौका विहार पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे में यहां आरती के समय अलग ही नजारा होगा।

रामगढ़ में राम के आगे श्री लगाने की मांग
समिति के सदस्य ने मांग की है कि रामगढ़ के आगे श्री लगाया जाए। रामगढ़ राम के नाम साथ शुरू हो रहा है। राम के साथ देशवासियों की आस्था भी जुड़ी है, ऐसे में रामगढ़ के आगे श्री लगाया जाना काफी जरूरी है।

GDA के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि समिति के सदस्य की पहल पर उन्हें सहमति दी गई है। समिति आरती की तैयारियों में जुटी है। GDA की तरफ से जो सहयोग उन्हें चाहिए, दिया जाएगा।