पैसों के अभाव में नहीं रुकेगा किसी का इलाज: योगी

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गोरखपुर। अपने दौरे के तीसरे दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान करीब दो सौ लोगों की शिकायतों को सुना और अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान इलाज के लिए मदद के भी कई मामले सीएम के सामने आए, उन्होंने इलाज के लिए इस्टीमेट बनवाने की बात कही। कहा कि रुपये के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। गुरुवार को दूसरे फरियादियों की संख्या कम रही।

सीएम ने हिंदू ​सेवाश्रम में करीब 200 के करीब फरियादियों की शिकायत सुनी और उन्हें मदद का भरोसा दिलाया। जबकि यात्री निवास में अधिकारियों ने करीब 150 लोगों की समस्याओं को सुना। हालांकि दूसरे दिन अधिकांश मामले जमीनी विवाद और आर्थिक मदद के पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम को निर्देशित किया कि आर्थिक मदद के लिए आए आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेजी से किया जाए। पैसों के अभाव में किसी का भी इलाज रूकना नहीं चाहिए।

आर्थिक मदद की गुहार
सीएम योगी आदित्यनाथ, गुरुवार को हिन्दू सेवाश्रम में जनता दर्शन कार्यक्रम में आए फरियादियों की एक-एक कर उनकी पीड़ा सुन रहे थे। मुस्लिम समाज की महिला समेत 7 ऐसे मामले आए जिसमें फरियादियों ने उपचार के लिए आर्थिक मदद की अपील की। मुख्यमंत्री ने मुस्लिम महिला से कहा कि वे अपना इस्टीमेट और आय प्रमाण पत्र बनवा कर आवेदन के साथ डीएम कार्यालय में जमा कराएं।

अधिकारियों ने सुनी 150 लोगों की शिकायत
जिला स्तर से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जल्द ही उपचार की राशि अस्तपाल को उपचार के लिए भेज दी जाएगी। इसके बाद यात्री निवास में बैठे तकरीबन 150 फरियादियों से मिलने के लिए उन्होंने सीएम कैंप कार्यालय के प्रभारी मोतीलाल सिंह एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा लालकक्ष में बैठकर भी सीएम ने करीब सौ लोगों से मुलाकात की। जनता दर्शन के दौरान कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीआईजी जे रवींद्र गौड़, डीएम कृष्ण करुणेश, एसएसपी डा. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी कृणा विश्नोई, एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

गुरु गोरक्षनाथ का दर्शन कर गोशाला में की गोसेवा
इससे पहले सुबह मठ से बाहर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। उसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंच, वहां गोसेवा की। गायों को गुड़ एवं चना खिलाया। नंदी के पास भी पहुंचे। उन्हें भी गुड़ एवं चना खिलान के बाद भ्रमण करते संत निवास के पास श्वान कालू एवं गोलू के पास पहुंचे। उन्हें भी प्यार दुलार दिया।