जब्त मकान का ताला तोडक़र किराए पर देने वाला गैंगेस्टर व उसका पिता अरेस्ट: निर्वतमान प्रधान का पति है गैंगेस्टर

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गोरखपुर। खोराबार पुलिस ने सोमवार को गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त किए गए मकान का ताला तोडक़र उसे एक कंपनी को किराए पर देने के आरोपी गैंगेस्टर राजेश निषाद व उसके पिता मोतीचंद्र को अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने दोनों को मुखबिर की सूचना पर जंगल सिकरी देवरिया बाईपास तिराहे से पकड़ा। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सिकटौर करमहिया निवासी राजेश निषाद की पत्नी मंजू देवी गांव की निर्वतमान प्रधान हैं। राजेश अपने तीन मंजिला मकान में नकली शराब बनवाता था। जिसके बाद वर्ष 2018 में मुकदमा दर्ज हुआ था। साथ ही राजेश, उसके पिता मोतीचंद, भाई जयहिंद के खिलाफ गैगेस्टर की कार्रवाई हुई थी। 18 अगस्त 2020 को उसके तीन मंजिला मकान को जब्त कर ताला लगाकर सील किया था। वर्ष 2021 में डीएम कोर्ट में झूठा शपथ पत्र देेने के आरोप में राजेश को धोखाधड़ी क ा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद करीब एक साल पहले उसने जब्त मकान का ताला जबरन तोड़ दिया और मकान में रहने लगा। इस बीच दो माह से मकान में निर्माण होता देख जब स्थानीय पुलिस जांच करने पहुंची तो उसने बताया कि उसके पास कमिश्रर कोर्ट का आदेश है। दो महीने से वह पुलिस को कागजात नहीं दिखा रहा था। इधर एक तारिख से उसने ग्यारह माह का एग्रीमेंट कर एक प्राइवेट कंपनी जो गैस पाइप लाइन का काम कर रही है उसे किराए पर दे दिया। तभी से कंपनी ने उस मकान में अपने करीब ८० कर्मचारियों को रखा था और अपना आफिस बना रखा था। कंपनी से राजेश ने अपने खाते में एडवांस भी लिया है। अब मामला सामने आने के बाद कंपनी मकान खाली कर रही है।
उधर एसपी सिटी ने बताया कि राजेश के उस खाते को भी सीज किया जाएगा जिसमें उसने कंपनी से पैसे मंगाए हैं। पुलिस ने इस मामले में हल्का नंबर तीन के दरोगा रिजवान अहमद की तहरीर पर राजेश व उसके पिता मोतीचंद पर डीएम कोर्ट के आदेश की अवहेलता करने, जालसाजी, बिना अनुमति गृअितिचार, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम के के तहत केस दर्ज किया है। एसपी सिटी ने बताया कि राजेश पर कुल १४ मुकदमे व उसके पिता पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं पुलिस राजेश की हिस्ट्रीशीट भी खोलने की तैयारी कर रही है।